जब व्रत का समय आता है, तो एक स्वादिष्ट और हल्की डिश की तलाश हर किसी को होती है। Sabudana Khichdi हमेशा से ही त्योहारों और व्रतों में सबसे पसंदीदा व्यंजन रही है। लेकिन कई बार साबूदाने को भिगोना भूल जाना भी आम बात है। चिंता मत करें, क्योंकि आज हम आपको एक आसान और हेल्दी रेसिपी बताएंगे जिससे आप बिना भिगोए भी स्वादिष्ट साबूदाने की खिचड़ी बना सकते हैं।
साबूदाने की खिचड़ी बनाने की आसान विधि

सबसे पहले, आपको डेढ़ कप साबूदाना लेकर इसे दो बार अच्छे से धोना होगा ताकि इसमें मौजूद अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। इसके बाद एक स्टील के टिफिन को देसी घी से ग्रीस करें और साबूदाने को उसमें डाल दें। यह तरीका न सिर्फ खिचड़ी को स्वादिष्ट बनाता है बल्कि इसे चिपचिपा होने से भी बचाता है।
अब Sabudana Khichdi टिफिन में आधा चम्मच चीनी और नमक डालकर स्वाद को संतुलित करें। Sabudana Khichdi के साथ ही 3-5 चम्मच पानी डालें। इस मिश्रण को अच्छे से मिक्स करके कुकर में रखें और आलू के टुकड़े तथा अतिरिक्त पानी डाल दें ताकि साबूदाना सही से पक सके।
टिफिन का लगभग एक चौथाई हिस्सा पानी में डूबा होना चाहिए। इसके बाद टिफिन का ढक्कन लगाकर कुकर को बंद करें और चार सीटी आने तक पकाएं। इस प्रक्रिया से साबूदाने के दाने पूरी तरह से नरम और स्वादिष्ट हो जाएंगे।
स्वाद और पोषण का संगम
जब कुकर ठंडा हो जाए, तो टिफिन को निकालकर साबूदाने को छलनी में डालकर धो लें। इससे दाने अलग हो जाएंगे और खिचड़ी का स्वाद और भी बेहतर होगा। आलू को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें।
अब एक अलग पैन में देसी घी डालकर मूंगफली को हल्का सेंक लें और अलग रख दें। उसी पैन में जीरा और करी पत्ता डालकर भूनें। फिर बारीक कटी हुई हरी मिर्च और अदरक डालें। इनसे खिचड़ी में ताज़गी और खुशबू दोनों बढ़ेंगे।
इसमें साबूदाना डालकर लगभग एक मिनट तक पकाएं और फिर कटे हुए आलू, चीनी, सेंधा नमक और सेंकी हुई मूंगफली डालकर अच्छे से मिक्स करें। आपका यह स्वादिष्ट व्यंजन अब तैयार है।
बिना भिगोए साबूदाने की खिचड़ी का जादू
Sabudana Khichdi सिर्फ एक व्यंजन नहीं बल्कि एक भावनात्मक अनुभव है। व्रत में Sabudana Khichdi का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह हल्का, पौष्टिक और पेट को भरने वाला होता है। बिना भिगोए बनने वाली यह रेसिपी समय की बचत करती है और आपकी पूजा या व्रत की तैयारी को आसान बनाती है।
हर निवाला आपको Sabudana Khichdi याद दिलाएगा कि व्रत केवल खाने का त्याग नहीं है, बल्कि एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें स्वाद, स्वास्थ्य और भावना तीनों का संगम होता है। इस खास रेसिपी में यह सब कुछ मौजूद है।
इसे बनाने में प्यार और धैर्य दोनों चाहिए

खाना केवल पेट भरने का साधन नहीं है, यह एक अनुभव है। जब आप बिना भिगोए Sabudana Khichdi बना रहे होते हैं, तो यह सोचें कि आप केवल खाना नहीं बना रहे, बल्कि अपने त्योहार या व्रत को एक खास यादगार अनुभव दे रहे हैं। यह खिचड़ी हर घर में प्यार और अपनापन जोड़ती है।
हर बार जब आप इसे बनाएंगे, तो यह सिर्फ एक डिश नहीं रहेगी, बल्कि आपके त्योहार का एक हिस्सा बन जाएगी। यह रेसिपी न सिर्फ स्वाद में खास है बल्कि बनावट में भी। साबूदाने के नरम दाने, कुरकुरी मूंगफली और हरी मिर्च का हल्का स्वाद इसे व्रत का एक आदर्श व्यंजन बनाता है।
Disclaimer: यह रेसिपी व्यक्तिगत अनुभव और सामान्य खाना पकाने के तरीके पर आधारित है। यदि आपको किसी सामग्री से एलर्जी है या आपके स्वास्थ्य के लिए कुछ विशेष निर्देश हैं, तो कृपया उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लें।
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